मेरा बस चले तो ……
मेरा बस चले तो ……
मैं फिर नवोदय परीक्षा दूं ,
और पास कर जाऊं।
समान की लिस्ट बना,
फिर वही बक्सा उठाऊं।
मेरा बस चले तो ……
मैं फिर उसी होस्टल का,
प्यारा सा हाउस चुन लूं।
सिक्स्थ ए या बी के,
सुहाने सपने बुन लूं।
मेरा बस चले तो ……
मैं फिर दौड़ लगाकर
सबसे पहले मैस में जाऊं।
कभी लेट जो हो गया,
बीच लाइन में घुस जाऊं।
मेरा बस चले तो……
मैं फिर बिना झिझक,
माईग्रेसन में जाऊं।
नए नवोदय से,
नए दोस्त बनाऊं।
मेरा बस चले तो……
मैं फिर अपना दिल,
थोड़ा सा बेकरार करू।
पानी की टंकी के नीचे,
उसका इंतजार करू।

Hemnandan Yadav
JNV सूरत गुजरात
2005-12
Share With Your Navodaya Friends

Khubsurat
Are Bhai Dil pr lag gayi BAAT or first and last paragraph mast h Bhai ek dam mast
Last Wale aachi thi👍🏼❤️
बहुत सुन्दर प्रस्तुति
वाह मजा आ गया भाई
Badhiya ❤️
Nice poem 👍👍
Excellent 👍